
कोलंबो – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने की शुरुआत में श्रीलंका जा सकते हैं। यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत और श्रींलका के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा गरम है। इस कारण से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कई बार विदेश मत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मुद्दे के स्थायी हल निकालने के लिए काम करने को कह चुके हैं।
द्विपीय राष्ट्र की सरकार में मंत्री ने शनिवार को बताया कि पीएम मोदी पिछले साल राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की दिल्ली यात्रा के दौरान किए गए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए अगले महीने की शुरुआत में श्रीलंका आएंगे। विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में बजट आवंटन बहस पर एक सवाल का जवाब देते हुए यह बयान दिया।
हमारी पहली राजनयिक यात्रा भारत की थी: हेराथ
हेराथ ने कहा, ‘हमने अपने पड़ोसी भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखे हैं। हमारी पहली राजनयिक यात्रा भारत की थी, जहां हमने द्विपक्षीय सहयोग पर कई समझौते किए।’ उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल की शुरुआत में यहां आएंगे। उनकी यात्रा के दौरान सामपुर सौर ऊर्जा स्टेशन के उद्घाटन के अलावा कई नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
35 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र बनाने पर सहमति
इससे पहले 2023 में राज्य बिजली इकाई सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और भारत की एनटीपीसी ने पूर्वी त्रिंकोमाली जिले के सामपुर शहर में 135 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र बनाने पर सहमति जताई थी।
2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा
हेराथ ने कहा कि भारत के प्रति नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) सरकार की सद्भावना नीति के परिणामस्वरूप द्वीप राष्ट्र को कई लाभ हुए हैं, जिनमें कई चल रही भारतीय परियोजनाएं भी शामिल हैं। हेराथ ने कहा, ‘हम अपनी विदेश नीति में किसी का पक्ष लिए बिना तटस्थ रहेंगे और राष्ट्रीय हित को बनाए रखने के लिए काम करेंगे।” 2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा होगी।’ इससे पहले पीएम मोदी ने 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका का दौरा किया था।
